Editor Desk – अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम https://chhattisgarhstate.com अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम Wed, 18 Sep 2024 08:56:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.8.2 https://chhattisgarhstate.com/wp-content/uploads/2024/02/chhattsgarh-state-2-75x75.png Editor Desk – अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम https://chhattisgarhstate.com 32 32 ये 4 तरह के अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड बढ़ा सकते हैं डायबिटीज का जोखिम, नई स्टडी में हुआ खुलासा https://chhattisgarhstate.com/these-4-types-of-ultra-processed-foods-can-increase-the-risk-of-diabetes-new-study-reveals/ https://chhattisgarhstate.com/these-4-types-of-ultra-processed-foods-can-increase-the-risk-of-diabetes-new-study-reveals/#respond Wed, 18 Sep 2024 08:56:37 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2956 Ultra Processed Foods To Avoid Eating: एक स्टडी के मुताबिक 4 ऐसे अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स खाने से डायबिटीज का जोखिम बढ़ता है। आइये जानते हैं।

Ultra Processed Foods To Avoid Eating: खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से लोगों में बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। आजकल छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग लोग तक जंक फूड्स खाने लगे हैं। यही नहीं, आज के समय में लोगों में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स खाने का क्रेज तेजी से बढ़ा है। जबकि ऐसे फूड्स खाना सेहत के लिए कई तरीकों से नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। हाल ही में द लांसेट रीजनल हेल्थ (The Lancet Regional Health) , यूरोप में छपी एक स्टडी के मुताबिक कुछ अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स खाने से डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है। 

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स खाने से बढ़ता है डायबिटीज का जोखिम 

स्टडी के शोधकर्ताओं के मुताबिक कुछ अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से डायबिटीज होने का जोखिम बढ़ता है। शोधकर्ताओं ने 312,000 लोगों पर स्टडी की, जिसमें 8 यूरोपियन देशों के लोगों को शामिल किया गया। स्टडी में शामिल लोगों पर 11 सालों तक नजर रखी गई, जिसके बाद पाया गया कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स खाने से करीब 15 हजार लोगों में टाइप 2 डायबिटीज होने का जोखिम बढ़ता है। 

इन फूड्स को खाने से करें परहेज 

स्टडी के शोधकर्ताओं के मुताबिक कुछ ऐसे फूड्स हैं, जिन्हें खाने से डायबिटीज का खतरा अन्य फूड्स खाने की तुलना में ज्यादा बढ़ता है। शोधकर्ताओं ने इन अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स में कुकी, कैंडी, पैकेट बंद चिप्स और स्नैक्स को शामिल किया है। स्टडी में इन फूड्स को कई भागों में बांटा गया है। माइक्रोवेव के जरिए खाना गर्म करके खाना या कैन में बंद खाना खाना खाना भी डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाने का काम करता है। 

17 फीसदी तक ज्यादा बढ़ता है रिस्क 

यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के ओबेसिटी, डायबिटीज और एंडोक्रिनोलॉजी के प्रोफेसर रेचल बेटरहैम की मानें तो कुछ ऐसे फूड्स हैं, जिनमें आर्टिफिशियल कलर या स्वीटनर मिलाया जाता है। ताकि वह फूड्स और भी स्वादिष्ट हो सकें। इसके साथ ही प्रिजर्वेटिव आदि भी मिलाए जाते हैं, जिन्हें खाने से डायबिटीज का जोखिम अन्य फूड्स के मुकाबले 17 फीसदी तक ज्यादा बढ़ता है।

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आप भी करते हैं शिशु के आसपास स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की गलती? डॉक्टर से जानें इसके नुकसान https://chhattisgarhstate.com/you-also-make-the-mistake-of-using-smartphone-around-your-baby-know-its-disadvantages-from-the-doctor/ https://chhattisgarhstate.com/you-also-make-the-mistake-of-using-smartphone-around-your-baby-know-its-disadvantages-from-the-doctor/#respond Mon, 16 Sep 2024 17:25:21 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2952 Side effects of Using Smartphone Near Babies: क्या आप भी शिशु के आसपास स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं? डॉक्टर से जाने इससे होने वाले नुकसान। 

Side effects of Using Smartphone Near Babies: आज के समय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना तो लोगों के डेली रूटीन का एक बड़ा हिस्सा बन गया है। चाहे बड़े हों या छोटे बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल करने की आदत सभी आयुवर्ग के लोगों को है। कुछ लोगों की आदत होती है कि वे छोटे बच्चे और शिशुओं के आसपास स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। वैसे तो स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करना सभी के लिए नुकसानदायक होता है, लेकिन शिशु की सेहत पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर आप भी उन्हीं लोगों में शामिल हैं तो रुकें।

शिशु की शरीर में जाता है रेडिएशन 

डॉक्टर के मुताबिक अगर आप रोजाना बच्चे के आसपास खासकर उसके सिर के आस-पास स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो इससे उनकी शरीर और दिमाग में मोबाइल का रेडिएशन जाने का खतरा रहता है। जिससे लॉन्ग टर्म में उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे उनके दिमाग पर भी असर पड़ सकता है। 

शिशु के विकास पर पड़ता है असर 

शिशु के आसपास स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना उनके शारीरिक विकास के लिए अच्छा नहीं है। आपकी यह आदत न केवल उनके शारीरिक विकास बल्कि, मानसिक विकास में भी बाधा डाल सकता है। इससे उनकी ब्रेन की एक्टिविटी धीमी हो सकती है। 

चोट लगने का खतरा 

अगर आप शिशु के आसपास रहकर स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो जाहिर है कि आपका ध्यान उनकी ओर नहीं होगा। यह उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ करना होगा। ऐसे में शिशु बेड या खाट से गिर सकता है, जिससे उसे चोट लग सकती है। 

बच्चों की आंखों में होती है समस्या 

अगर आप शिशु के आसपास स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो वे खुद ब खुद स्क्रीन की ओर देखने लगते हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से उनकी आंखों की रोशनी कम हो सकती है। इसलिए अगर आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर भी रहे हैं तो ऐसे में शिशु से दूर रखें। 

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इंटरमिटेंट फास्टिंग कितने प्रकार की होती है? एक्सपर्ट से जानें इसके नियम https://chhattisgarhstate.com/how-many-types-of-intermittent-fasting-are-there-know-its-rules-from-experts/ https://chhattisgarhstate.com/how-many-types-of-intermittent-fasting-are-there-know-its-rules-from-experts/#respond Mon, 16 Sep 2024 17:21:41 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2949 How Many Types Of Intermittent Fasting:  इन दिनों सेलिब्रिटी से लेकर आम लोग तक वजन घटाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपना रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं यह कितने प्रकार होती है?  

How Many Types Of Intermittent Fasting: पिछले कुछ सालों में लोगों के बीच वजन घटाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन काफी देखा गया है। कॉमेडियन भारती सिंह से लेकर एक्ट्रेस नेहा धूपिया तक ने इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए अपना वजन घटा चुके हैं। भारती सिंह द्वारा इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए वजन घटाने के बाद ही यह  आम लोगों के बीच काफी पॉपुलर हुआ था। सेलेब्स जब इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए वेट लॉस करते हैं, तो एक पूरा प्लान बनाते हैं, लेकिन जब बात आम लोगों की आती है, तो वह इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में सिर्फ इतना जानते हैं उन्हें 10 से 12 घंटे के गैप पर खाना खाना है।

वजन घटाने की कोशिश करने वाले लोग सोशल मीडिया ट्रेंड को देखकर इंटरमिटेंट फास्टिंग का पैटर्न खुद से बनाकर ही फॉलो करने लगते हैं। अगर आपने भी कभी ऐसा करने की सोची है, तो रूक जाइए। क्योंकि इंटरमिटेंट फास्टिंग एक नहीं बल्कि कई तरह की होती है और आज इस लेख में हम आपको इसी बारे में बताने वाले हैं।

क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

इंटरमिटेंट फास्टिंग खाना खाने का एक तरीका है। इसमें आप एक खास समय पर अपना भोजन करते हैं। आसान भाषा में कहा जाए तो इंटरमिटेंट फास्टिंग में आप दिन के एक समय में बैलेंस खाना खाते हैं और दिन के दूसरे हिस्से में भूखे रहते हैं। वजन घटाने के लिए यह तरीका काफी अच्छा है। एक्सपर्ट के अनुसार, इंटरमिटेंट फास्टिंग के जरिए 1 महीने में 4 से 5 किलो तक वजन घटाया जा सकता है।

कितने टाइप की होती है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

ऋचा गंगानी की मानें तो इंटरमिटेंट फास्टिंग कई तरह की होती है और यह विभिन्न लोगों के खाने और वह कितने समय में कितना वजन घटाना चाहता है, इस पर निर्भर करता है।

16/8 इंटरमिटेंट फास्टिंग – इंटरमिटेंट फास्टिंग के इस पैटर्न में आपको दिन के 8 घंटे खाना खाने की इजाजत होती है, जबकि 16 घंटे आपको बिना कुछ खाए और पिए रहना पड़ता है। एक्सपर्ट के अनुसार 16/8 पैटर्न में आप दिन के 8 घंटे में नाश्ता, लंच या डिनर को शामिल कर सकते हैं।

5/2 इंटरमिटेंट फास्टिंग – इस पैटर्न को फॉलो करने वाले लोगों को सप्ताह में 5 दिन सामान्य और बैलेंस मील खाने के लिए कहा जाता है। वहीं, 2 दिन उपवास करने की जरूरत होती है। हालांकि इन 2 दिनों में आप अगर शारीरिक रूप से अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं, तो लो कैलोरी फूड का सेवन कर सकते हैं। 

14/10 इंटरमिटेंट फास्टिंग – इसमें आप 14 घंटे बिना खाए रहते हैं और 10 घंटे में आप अपने मील्स ले सकते हैं। 

1/1 अल्टरनेटर फास्टिंग – इस डाइटिंग पैटर्न के दौरान आप एक दिन नॉर्मल खाना खाते हैं और एक दिन आप लो कैलोरी फूड लेते हैं। 

इंटरमिटेंट फास्टिंग से शरीर को मिलने वाले फायदे- Benefits of intermittent fasting to the body

एक्सपर्ट का कहना है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग सिर्फ वजन घटाने में मदद नहीं करती है, बल्कि इससे कई बीमारियों का खतरा भी कम होता है। साथ ही शरीर को कई तरह से फायदे मिलते हैं। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में।

1. मधुमेह को नियंत्रित करता है।

2. मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है।

3. तेजी से वजन घटाने में मदद करता है।

4. आपकी त्वचा को चमकदार बनाता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, प्रेग्नेंट, ब्रेस्टफीडिंग और किसी विशेष प्रकार की दवा का सेवन करने वाले लोगों को इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से पहले सलाह लेनी चाहिए। 

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हार्ट अटैक का कारण बन सकता है कोरोनरी धमनी रोग (CAD), जानें कैसे किया जाता है इसका इलाज? https://chhattisgarhstate.com/coronary-artery-disease-can-cause-heart-attack-know-how-it-is-treated/ https://chhattisgarhstate.com/coronary-artery-disease-can-cause-heart-attack-know-how-it-is-treated/#respond Mon, 16 Sep 2024 17:15:57 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2946 कोरोनरी आर्टरी डिजीज हृदय से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। लेकिन, समय पर पहचान कर इसका इलाज किया जाता है। आगे जानते हैं इसके इलाज के बारे में

शरीर के अन्य अंगों की तरह हृदय का अहम रोल होता है। यह हमारे शरीर के सभी अंगों तक रक्त को पहुंचाने के लिए पंप करने का काम करता है। पूरे शरीर का रक्त हृदय के अंदर पहुंचता है और यहां से पंप होकर दोबारा अंगों तक भेजा जाता है। हृदय को रक्त पहुंचाने वाली नसों को कोरोनरी आर्टरी कहा जाता है। जब इन नसों का मार्ग में प्लाक (cholesterol, वसा, कैल्शियम और अन्य तत्व) जमा हो जाते हैं, तो ऐसे में हृदय तक रक्त पहुंचने की प्रक्रिया में बाधा आती है। इस दौरान व्यक्ति को हृदय में तेज दर्द, सांस लेने में परेशानी और हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। इस स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease) कहा जाता है। यदि, समय पर इसका इलाज न किया जाए या इसे अनदेखा किया जाए तो इससे नसे ब्लॉक हो सकती हैं, जो हार्ट अटैक की वजह बन सकता है। इस लेख में जानेंगे कि कोरोनरी हार्ट डिजीज का इलाज कैसे (How To Teat Coronary Artery Disease) किया जाता है?

कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) का इलाज कैसे किया जाता है? – Treatment Of Coronary Artery Disease In Hindi 

कोरोनरी आर्टरी डिजीज की पहचान करने के लिए डॉक्टर इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG), एंजियोग्राफी, ब्लड टेस्ट, और इकोकार्डियोग्राम करने की सलाह देते हैं। टेस्ट से पुष्टि होने के बाद व्यक्ति की आयु, शारीरिक स्थिति और अन्य कारक के आधार पर इलाज को चुनते हैं। आगे जानते हैं इसके इलाज के बारे में। 

व्यक्ति की लाइफस्टाइल में बदलाव 

कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने पर डॉक्टर सबसे पहले व्यक्ति की लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दी जाती है। इसमें डाइट में फैट युक्त और कोलेस्ट्रोल युक्त चीजों को डाइट से बाहर किया जाता है। इसके अलावा, फल, सब्जियों, साबुत अनाज को डाइट में शामिल किया जाता है। व्यक्ति को रोजाना हल्के व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। साथ ही, इलाज से पहले व्यक्ति को शराब, धूम्रपान और सिगरेट आदि को छोड़ना होता है।

मेडिसिन से इलाज 

लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ ही डॉक्टर मरीज को हार्ट में ब्लड की आपूर्ति करने और प्लाक को कंट्रोल करने वाली दवाएं देते हैं। इसमें रक्त में प्लेटलेट्स को जमने से रोकने के लिए एंटिप्लेटलेट्स (antiplatelets), बैड कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिए स्टेटिन्स, हृदय की धड़कनों को कम करके हार्ट पर पड़ने वाले प्रेशर को कम करने के लिए बीटा-ब्लॉकर्स (beta-blockers) और धमनियों को चौड़ा करने और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने के लिए नाइट्रेट्स आदि दवाएं दी जा सकती हैं। 

सर्जरी 

हृदय से जुड़ी गंभीर समस्याओं में डॉक्टर सर्जरी का विकल्प चुन सकते हैं। इसमें तीन तरह क प्रक्रिया को अपनाया जा सकता है।

  • एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग (Angioplasty and stent): इसमें खराब धमनियों को खोलने और ब्लड सर्कुलेशन को दोबार सही करने के लिए एक छोटी ट्यूब (स्टेंट) का उपयोग किया जाता है।
  • बाईपास सर्जरी (Coronary Artery Bypass Graft – CABG): इस सर्जरी में धमनियों (नसों) का अवरोधित हिस्से को बाईपास कर एक नई नस लगाई जाती है।
  • रोटा-अब्लेशन (Rotablation): इसमें धमनियों (नसों) में जमा हुए कठोर प्लाक को निकालने के लिए एक विशेष यंत्र का उपयोग किया जाता है।

Coronart Artery Disease Treatment: कोरोनरी आर्टरी डिजीज हार्ट से जुड़ी समस्या है। इसमें व्यक्ति को अत्यधिक थकान, कमजोरी, सांस फूलना, दिल की धड़कने अनियमित होना, हाथ पैरों में झुनझुनी और हार्ट पेन जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में आप तुरंत किसी हार्ट स्पेशलिस्ट से मिलकर समस्या के कारण की पहचान करें। 

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महिलाओं की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है रागी, इस तरह से करें डाइट में शामिल https://chhattisgarhstate.com/ragi-is-very-beneficial-for-womens-health-include-it-in-your-diet-in-this-way/ https://chhattisgarhstate.com/ragi-is-very-beneficial-for-womens-health-include-it-in-your-diet-in-this-way/#respond Mon, 16 Sep 2024 17:04:13 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2943 रागी विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो महिलाओं के हार्मोन्स को संतुलित करने और एनीमिया की समस्या दूर करने में मदद कर सकते हैं। 

महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स असंतुलन होना आम बात है। खासकर पीरियड्स के दौरान मूड स्विंग्स, एक्ने की समस्या और चिड़चिड़ापन होने लगता है। हार्मोन असंतुलित होने के कारण कई बार महिलाओं के शरीर में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती है, जिसके कारण वजन बढ़ना, वजन घटना, पीरियड्स समय पर न आना और इनफर्टिलिटी की समस्या होने लगती है। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं अपने हार्मोन को संतुलित रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। 

महिलाओं के लिए रागी खाने के फायदे – Ragi Benefits For Women in Hindi 

  • रागी आयरन का एक अच्छा स्रोत होता है, जो रेड ब्लड सेल्स में हीमोग्लोबिन के उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है। आयरन की कमी महिलाओं में एनीमिया की समस्या का कारण बन सकता है, जो महिलाओं में हार्मोन संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
  • रागी आवश्यक विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते है, जो हार्मोन्स को संतुलित करने और चयापचय को बढ़ाने में मदद करते हैं। 
  • रागी में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर के स्तर में धीरे-धीरे बढ़ता है, जो हार्मोन संतुलन के लिए रक्त शर्करा के स्तर को बेहतर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि रक्त शर्करा में उतार-चढ़ाव इंसुलिन के स्तर और अन्य हार्मोन को प्रभावित कर सकता है।
  • रागी में पॉलीफेनोल और फ्लेवोनोइड जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं, जो महिलाओं के शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। 
  • रागी में आहार फाइबर उच्च मात्रा में मौजूद होता है, जो पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखता है और मल त्याग को कंट्रोल करने में मदद करता है। महिलाओं के शरीर में हार्मोन संतुलन के लिए एक स्वस्थ पाचन तंत्र बहुत जरूरी होता है। 

रागी का सेवन कैसे करें? – How To Eat Ragi in Hindi?

रागी दलिया 

रागी दलिया पौष्टिक और पेट भरने वाला होता है। इसे बनाने के लिए आप रागी के आटे को पानी या दूध के साथ पकाएं और इसमें स्वाद मिलाने के लिए गुड़ या शहद डालें। 

रागी डोसा 

रागी को आप डोसा के रूप में भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। रागी का डोसा बनाने के लिए बस आपको रागी के आटे को उड़द दाल और चावल के साथ मिलाकर डोसा बैटर तैयार करना है। फिर बैटर को रात भर फर्मेंट होने के लिए रख दें और फिर गर्म तवे पर डोसा बनाएं और चटनी या सांभर के साथ खाएं। 

रागी रोटी

रागी के आटे को गेहूं के आटे या अन्य ग्लूटेन-मुक्त आटे के साथ पानी और नमक के साथ गूंठ लें। आटे की रोटियां बेल लें और उन्हें तवे पर पकाएं, फिर इन्हें करी या दही के साथ परोसें।

रागी उपमा 

रागी का उपमा बनाने के लिए रागी के आटे को गाजर, मटर और प्याज जैसी सब्जियों के साथ भून लें। फिर इसमें पानी डालें और मिश्रण को गाढ़ा होने तक पकाएं। अब इसमें नमक, मसाले डालें और धनिया डालकर सर्व करें।

रागी के लड्डू 

रागी के लड्डू बनाने के लिए सबसे पहले रागी को अच्छी तरह भून लें। फिर इसमें गुड़, खजूर और घी डालकर अच्छी करह मिला लें और लड्डू का आकार देकर ठंडा होने के लिए रख दें। 

महिलाएं हार्मोन्स को संतुलित करने के लिए रागी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे किसी भी तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर इसका सेवन करना बंद कर दें या फिर इसे डाइट में शामिल करने से पहले अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। 

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महिलाओं के फायदेमंद होता है चौलाई का साग, डाइट में जरूर करें शामिल https://chhattisgarhstate.com/amaranth-greens-are-beneficial-for-women-definitely-include-them-in-their-diet/ https://chhattisgarhstate.com/amaranth-greens-are-beneficial-for-women-definitely-include-them-in-their-diet/#respond Mon, 16 Sep 2024 17:00:18 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2940 महिलाओं में खून की कमी और हड्डियों की कमजोरी होना एक आम समस्या है। लेकिन, आप चौलाई को डाइट में शामिल कर कई समस्याओं से बच सकती हैं। आगे जानते हैं महिलाओं को चौलाई खाने के क्या फायदे मिलते हैं।

सेहतमंद रहने के लिए डाइट का पौष्टिक होना बेहद आवश्यक है। हरी सब्जियों, साबुत अनाज और फलों को डाइट में शामिल करने से आप कई तरह की बीमारियों को दूर कर सकते हैं। साथ ही, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर बैक्टीरियल और वायरस के इंफेक्शन से भी खुद का बचाव कर सकते हैं। वैसे तो  भारत मिलने वाली हर सब्जी में कुछ न कुछ पोषक तत्व होते हैं, लेकिन चौलाई (Amaranth) की सब्जी या साग महिलाओं के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। यह महिलाओं में अक्सर होने वाली खून की कमी (iron deficiency) को रोकने और दूर करने में मदद करती है। साथ ही, यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, विटामिन C, विटामिन A, और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत मानी जाती है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से वजन भी कंट्रोल में रहता है। इस लेख में जानते हैं कि महिलाओं को चौलाई खाने से क्या फायदे (Chaulai Benefits For Female ) मिलते हैं।

महिलाओं को चौलाई खाने के फायदे – Chaulai Benefits For Female In Hindi 

महिलाओं का एनीमिया से बचाव

महिलाओं में आयरन की कमी एक आम समस्या है, खासकर पीरियड्स के कारण महिलाओं को रक्त की कमी होती है, जिससे एनीमिया हो सकता है। चौलाई आयरन का स्रोत होती है, जो रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है। यह महिलाओं को कमजोरी, थकान, और चक्कर आने जैसी समस्याओं से बचाती (amaranth benefits for female) है।

प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार

चौलाई महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को भी बेहतर बनने में मदद करती है। इसमें फोलेट (विटामिन B9) की पर्याप्त मात्रा होती है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यधिक आवश्यक माना जाता है। यह प्रेग्नेंसी के दौरान भ्रूण के विकास में मदद करती है और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट जैसी समस्याओं से बचाव करती है। इसके अलावा, चौलाई के एंटीऑक्सीडेंट्स प्रजनन अंगों की सुरक्षा करते हैं और हार्मोनल संतुलन बनाए रखते हैं, जो स्वस्थ प्रजनन तंत्र के लिए जरूरी है।

हड्डियों को बनाए मजबूत

महिलाओं में एक उम्र के बाद हड्डियों की कमजोरी एक आम समस्या है, जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है। चौलाई में कैल्शियम की अधिक मात्रा होती है, जो हड्डियों की मजबूती और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक मानी जाती है। कैल्शियम के अलावा इसमें मैग्नीशियम भी होता है, जो हड्डियों को सपोर्ट (amaranth benefits for bone health) करता है।

पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं को दूर करें

महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द, अनियमित पीरियड्स, और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चौलाई को डाइट में शामिल करने से पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे पीरियड्स के दौरान होने वाली असुविधा कम होती है।

स्किन और बालों के लिए आवश्यक

चौलाई महिलाओं की स्किन और बालों के लिए भी अत्यधिक फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को फ्री रैडिकल्स से बचाते हैं, जो उम्र बढ़ने के लक्षणों को धीमा करते हैं। चौलाई का नियमित सेवन करने से त्वचा में चमक आती है और यह दाग-धब्बों को कम करने में मदद (amaranth benefits for skin and hair) करती है।

Benefits Of Chaulai For Women in hindi: चौलाई की सब्जी बाजारों में आसानी से उपलब्ध होती है। इसमें मौजूद फाइबर वजन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसे इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाया जा सकता है। महिलाओं के लिए यह सब्जी फायदेमंद होती है। लेकिन, यदि आपको पहले से कोई रोग या अन्य समस्या है तो ऐसे में डॉक्टर की सलाह के बाद ही डाइट में बदलाव करें। 

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सरगुजा ब्रेकिंग: उदयपुर में हाथियों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत https://chhattisgarhstate.com/surguja-breaking-elephant-terror-in-udaipur-panic-among-villagers/ https://chhattisgarhstate.com/surguja-breaking-elephant-terror-in-udaipur-panic-among-villagers/#respond Mon, 09 Sep 2024 15:28:12 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2934 सरगुजा जिले के उदयपुर इलाके में 11 हाथियों का दल पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीणों के बीच दहशत फैल गई है। यह हाथियों का दल उदयपुर वनक्षेत्र के दावा और कोटमी सहित आसपास के गांवों में विचरण कर रहा है, जिससे लोग डर के साए में जी रहे हैं। हाथियों की आमद से शाम ढलते ही गांवों में हलचल बढ़ जाती है, और गांव के लोग अपने घरों को छोड़कर सतर्क रहकर रात गुजारने को मजबूर हो रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, हाथी शाम के समय गांव की ओर बढ़ने लगते हैं, जिससे कई गांवों के लोग पूरी रात जागकर पहरा दे रहे हैं। हाथियों के डर से कई परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।

वन विभाग की टीम पूरी तरह से सतर्क है और हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विभाग का अमला लगातार क्षेत्र में मुनादी कर लोगों को सावधान कर रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और हाथियों के रास्ते में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न करें।

हाथियों का यह दल वर्तमान में उदयपुर वन परिक्षेत्र के डांड़गांव के बीट, कोटमी के फुलचुही बांधपारा इलाके में विचरण कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वे हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और जल्द ही स्थिति पर काबू पाने की उम्मीद है।

ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बना हुआ है, लेकिन वन विभाग की मुस्तैदी और जागरूकता अभियान से उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या से राहत मिलेगी।

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वज़न कम करने और इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए 6 असरदार और हेल्दी रेसिपीज़,अपनाये ये आसान तरीके https://chhattisgarhstate.com/6-effective-and-healthy-recipes-to-lose-weight-and-boost-immunity-follow-these-easy-methods/ https://chhattisgarhstate.com/6-effective-and-healthy-recipes-to-lose-weight-and-boost-immunity-follow-these-easy-methods/#respond Sun, 08 Sep 2024 15:00:51 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2931 आज मैं आपके लिए लेकर आई हूँ 6 ऐसी हेल्दी और असरदार रेसिपीज़, जो न सिर्फ़ आपको वज़न कम करने में मदद करेंगी, बल्कि आपकी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करेंगी।”

हल्दी वाली चाय
“हल्दी वाली चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में एक कप पानी गरम करेंगे। जैसे ही पानी उबलने लगे, इसमें डालेंगे एक चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर, एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर और चुटकी भर काली मिर्च पाउडर। इन सबको अच्छे से मिलाएं और फिर गैस बंद कर दें। इसे छानकर तैयार कर लें। ये चाय आपके बॉडी फैट को कम करने में मदद करेगी, और आपका पाचन भी सुधारती है। इस चाय का सेवन दिन में एक बार नाश्ते के बाद करें।”

अदरक-नींबू वाली चाय
“अब अदरक और नींबू वाली चाय। इसके लिए आधा इंच अदरक को क्रश कर लें। फिर एक बर्तन में एक कप पानी गरम करें और इसमें क्रश किया हुआ अदरक डाल दें। इसे धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक पानी थोड़ा कम न हो जाए। अब गैस बंद करें और इसे छान लें। इसमें थोड़ा नींबू का रस मिलाएं। ये चाय भूख को कम करती है और शरीर की एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने में मदद करती है।”

दालचीनी की चाय
“अब बात करते हैं दालचीनी की चाय की। इसके लिए एक कप पानी गरम करें और उसमें दो इंच दालचीनी डालकर धीमी आंच पर उबालें। 4 मिनट बाद गैस बंद करें और इसे छान लें। दालचीनी मेटाबॉलिज्म को तेज़ करती है और वजन घटाने में मददगार है।”

ब्लैक टी
“अब ब्लैक टी के बारे में। एक बर्तन में एक कप पानी गरम करें और उसमें आधी छोटी चम्मच चाय पत्ती डालें। स्वाद के लिए थोड़ा सा क्रश किया हुआ अदरक, काली मिर्च, और इलायची डाल सकते हैं। इसे थोड़ा उबालें और छानकर तैयार कर लें। इस ब्लैक टी से शरीर में हल्कापन महसूस होता है और यह वेट लॉस में भी मददगार है।”

ब्लैक कॉफी
“ब्लैक कॉफी के लिए एक कप पानी गरम करें और इसमें एक छोटी चम्मच कॉफी पाउडर और थोड़ा सा दालचीनी डालें। जब पानी उबल जाए, गैस बंद करके इसे छान लें। ब्लैक कॉफी में मौजूद कैफीन मेटाबॉलिज्म को तेज़ करता है और वजन कम करने में सहायक होता है।”

जीरा पानी
“जीरा पानी बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा डालकर रातभर भिगो कर रख दें। सुबह इसे छानकर पिएं। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।”

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अंबिकापुर @धारदार ब्लेड से हत्या का प्रयास कारित करने के मामले में सरगुजा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, मामले का आरोपी किया गया गिरफ्तार

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कदनई घुनघुट्टा नदी में निर्माणाधीन पुलिया के नीचे पिकनिक मना रहे लोगों की कार अचानक बाढ़ आने से बह गई https://chhattisgarhstate.com/the-car-of-people-having-picnic-under-the-under-construction-culvert-in-kadnai-ghunghutta-river-was-washed-away-due-to-sudden-flood/ https://chhattisgarhstate.com/the-car-of-people-having-picnic-under-the-under-construction-culvert-in-kadnai-ghunghutta-river-was-washed-away-due-to-sudden-flood/#respond Sun, 08 Sep 2024 14:44:32 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2929 मैनपाट:- एक चौंकाने वाली खबर है! कदनई घुनघुट्टा नदी में निर्माणाधीन पुलिया के नीचे पिकनिक मना रहे लोगों की कार का अचानक बह जाना एक बड़ी घटना हो सकती थी, लेकिन गनीमत है कि कोई भी व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया।

दरअसल सरगुजा के सिमला कह जाने वाले पर्यटन स्थल मैनपाट में रविवार को झमाझम बारिश हुई , जिससे नदी नालों में अचानक उफान आ गए। वहीं कनई नदी में तट पर प्राकृतिक सौंदर्य का लुफ्त उठाने गए थे। एकाएक तेज नदी के बहाव में फंस गए। शुक्र है इस घटना में उन्होंने अपनी जान तो बचा ली लेकिन कार को नहीं बचा पाए। कार तेज नदी के बहाव में बह गई।

इस घटना से हमें यह सीखने को मिलता है कि बारिश के मौसम में नदी नालों के पास सावधानी रखनी चाहिए चाहिए और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। साथ ही, हमें अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करते हुए आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए।

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थाना सीतापुर अंतर्गत युवक की हत्या कर शव कों ओवरहेड टैंक के निचे छिपा देने एवं युवक की गुमशुदगी दिखाने के मामले में सरगुजा पुलिस की सख्त कार्यवाही, मामले में 04 आरोपी किये गए गिरफ्तार

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अंबिकापुर @धारदार ब्लेड से हत्या का प्रयास कारित करने के मामले में सरगुजा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, मामले का आरोपी किया गया गिरफ्तार https://chhattisgarhstate.com/ambikapur-quick-action-by-surguja-police-in-case-of-attempt-to-murder-with-sharp-blade-accused-arrested/ https://chhattisgarhstate.com/ambikapur-quick-action-by-surguja-police-in-case-of-attempt-to-murder-with-sharp-blade-accused-arrested/#respond Sun, 08 Sep 2024 14:00:14 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2926 अंबिकापुर:-मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार हैं कि प्रार्थी विकास मण्डल साकिन डिगमा शीतलापारा गांधीनगर द्वारा दिनांक 06/09/24 कों थाना गांधीनगर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि घटना दिनांक 06/09/24 कों प्रार्थी के जीजा संजीव विश्वास प्रार्थी के घर आकर अपनी पत्नी कों घर ले जाने की जिद करने लगा, बहन पिंकी द्वारा मना किये जाने पर संजीव विश्वास द्वारा प्रार्थी की बड़ी बहन उषा एवं पिंकी से जबरन विवाद करने लगा बाद शाम प्रार्थी की बहन पिंकी एवं उषा अपने अन्य साथी के साथ बच्चे का ईलाज करवाने साईं क्लिनिक गए थे जहा आरोपी उषा गुप्ता के गले में धारदार ब्लेड से गंभीर चोट कारित कर दिया गया जो आहता कों ईलाज हेतु भर्ती किया गया हैं, मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 522/24 धारा 109 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा गवाहों का कथन दर्ज कर घटनास्थल निरीक्षण कर मामले में शामिल आरोपी का पता तलाश किया जा रहा था, पुलिस टीम के सतत प्रयास से मामले के आरोपी संजीव विश्वास उर्फ़ पोचा उम्र 30 वर्ष सस्किन रविन्द्रनगर जयनगर सूरजपुर का होना बताया गया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर पत्नी कों नही ले जाने देने की बात से नाराज होकर अपराध घटित किया जाना स्वीकार किया गया, आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार ब्लेड जप्त किया गया हैं, आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाता हैं।

सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, आरक्षक रविन्द्र साहू, उमेश्वर राजवाड़े, घनश्याम देवांगन शामिल रहे।

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