अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम https://chhattisgarhstate.com अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम Fri, 17 Jan 2025 10:03:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.8.3 https://chhattisgarhstate.com/wp-content/uploads/2024/02/chhattsgarh-state-2-75x75.png अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम https://chhattisgarhstate.com 32 32 Gagnai Reservoir tourism: प्रकृति की गोद में स्थित गगनई जलाशय में नौकायन का भरपूर आनंद ले सकते हैं पर्यटक https://chhattisgarhstate.com/gagnai-reservoir-tourism-tourists-can-enjoy-boating-in-gagnai-reservoir-located-in-the-lap-of-nature/ https://chhattisgarhstate.com/gagnai-reservoir-tourism-tourists-can-enjoy-boating-in-gagnai-reservoir-located-in-the-lap-of-nature/#respond Fri, 17 Jan 2025 10:03:04 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=3021 Gaganai Reservoir: नवगठित जीपीएम जिला प्राकृतिक मनोरम दृश्यों से भरा-पूरा जिला है। ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों(Gagnai Reservoir tourism) से विद्यमान जिले में प्रकृति की गोद में स्थित गगनई जलाशय में पर्यटक नौकायन का भरपूर आनंद ले सकते हैं। जिला मुख्यालय गौरेला से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गंगनई जलाशय (नेचर कैंप) प्रकृति प्रेमियों के लिए खास जगहों में से एक है। यहां पर्यटकों के ठहरने और खाने-पीने के साथ ही मनोरंजन के लिए नौका विहार की सुविधा उपलब्ध है।


  स्थानीय लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने यहां पहुंचते हैं। यहाँ स्थित सन्सेट पॉइंट से झील में डूबते सूरज और चारों ओर पहाड़ों का सुंदर दृश्य यहां आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेता है। सूरज की लालिमा झील के पानी पर पड़ती है तो दृश्य देखते ही बनता है और एक अलौकिक आनंद मिलता है। यहाँ बने झील में बोटिंग की सुविधा है। साथ ही वन विभाग द्वारा बनाए गए सर्व सुविधायुक्त कमरे भी हैं, जहां पर्यटक परिवार के साथ ठहर सकते हैं। खाने-पीने के लिए कैंटिन सुविधा भी उपलब्ध है।

ALSO READ THIS : Rakasganda Waterfall: प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का अनुभव: यह जलप्रपात पर्यटकों की होती है पहली पसंद…. पत्थरों के बीच कलकल कर बहती जलधारा निर्मित करती है मनोरम दृश्य

          जिला प्रशासन द्वारा गठित स्थानीय पर्यटन समिति द्वारा यहां नाइट कैम्पिंग, ट्रेकिंग, पक्षीदर्शन जैसी अनेक मनोरंजक गतिविधियां संचालित की जाती है। गगनई नेचर कैंप भालूओं के रहवास वाले जंगल के पास बना है। यहाँ पर वन विभाग द्वारा पर्यावरण चेतना केंद्र स्थापित किया गया है, जो भालुओं के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का काम करता है। यहाँ आते-जाते भालू के दर्शन भी हो जाते हैं। यहाँ पर स्थित सेल्फ़ी पॉइंट स्थानीय लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ पर स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए दिन भर के लिए नवाचार कैम्प भी विशेष मांग पर आयोजित किए जाते हैं। गगनई नेचर कैम्प में बारोमाह सैलानियों का तांता लगा रहता है।

]]>
https://chhattisgarhstate.com/gagnai-reservoir-tourism-tourists-can-enjoy-boating-in-gagnai-reservoir-located-in-the-lap-of-nature/feed/ 0
Animals damaging crops: हिरणों के झुंड रात में कर रहे है ग्रामीणों के फसलों को सफा चट,ग्रामीण परेशान जाने क्या है पूरा मामला https://chhattisgarhstate.com/animals-damaging-crops-herds-of-deer-are-destroying-villagers-crops-at-night-chatta-villagers-are-worried-dont-know-what-is-the-whole-matter/ https://chhattisgarhstate.com/animals-damaging-crops-herds-of-deer-are-destroying-villagers-crops-at-night-chatta-villagers-are-worried-dont-know-what-is-the-whole-matter/#respond Fri, 17 Jan 2025 09:55:28 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=3018

हिरणों का झुंड रात को किसानों का फसल कर रहे चौपट

उदयपुर सरगुजा जिले के वन परिक्षेत्र उदयपुर के कर्म कटरा के आसपास के गांव में जंगली जानवर हिरण(Animals damaging crops) और सूअर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।मिली जानकारी के अनुसार फूनगी जजगी मानपुर उपका पारा के किसानों ने बताया कि जंगली जानवर हिरण कोटरा सांभर नीलगाय और सुवर खेतों में रात को आकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है।

कर्म कट्ठरा जंगल में निवास करने वाले जंगली जानवरों को आस पास के गांवों में रात को निकलकर खेतों में पहुंच फसलों को खा रहे है। जिससे किसानों को रात को रतजगा करना पड़ रहा है।

हिरणों से फसल बचाने के लिए वन विभाग की ओर से कोई उपाय नहीं किया गया है न ही कुछ मुआवजा राशि प्रदान करते है।

ग्राम जजगी के किसान दुर्गादास की पत्नी के बताया कि रात में हिरणों से फसल को बचाने के लिए दोनों पति पत्नी को खलिहान में ही रात को सोना पड़ता है। उसने यह भी बताया कि खेतों में रात को गेहूं के फसल को चर कर नष्ट कर दे रहे है, एक एकड़ अरहर दाल के फसल को पूरी तरह से नष्ट कर दिए है और इस वर्ष दाल का फसल जंगली जीव पूरी तरह से खत्म कर दिए हैं जिससे उन्हें दाल खरीदना पड़ेगा।

बरसात के दिन में हाथियों ने कई वर्षों से कई एकड़ धान के फसल को कुचला और खाया नष्ट किया जिसका मुआवजा राशि आज तक प्रदान नहीं किया गया है और अभी शीतऋतु में हिरण और सुवर खेतों में लगे फसल को खाकर खत्म कर रहे हैं।

ALSO READ THIS :- Smartphone data leak: सावधान! इन खतरनाक ऐप्स को तुरंत डिलीट करें, आपका फोन हो सकता है फ्रॉड का शिकार

फूनगी में भी रात को हिरणों के दल ने खेत में लगे आलू के फसल को नुकसान पहुंचाया है वहीं जगन्नाथपुर में भी खेतों में हिरणों ने खेतों में लगे फसल को नष्ट कर रहे हैं।

कर्म कट्ठरा जंगल के आसपास के गांव में हिरणों और सुवर के दल ने खेत में लगे फसलों को लगातार चराई से खत्म हो रहा है।

किसानों ने चिन्ता जताई है कि खेतों में लगे फसलों को बचाना अब मुश्किल हो गया है। फसलों को बचाने के लिए करंट लगाने से जंगली जानवरों का मौत होने का संभावना रहता है जिससे आसपास के किसान भाइयों ने घिराव तो किया है लेकिन घिरावा तोड़ फसल को नष्ट कर रहे है जिससे आसपास के किसान काफी चिंतित हैं।

]]>
https://chhattisgarhstate.com/animals-damaging-crops-herds-of-deer-are-destroying-villagers-crops-at-night-chatta-villagers-are-worried-dont-know-what-is-the-whole-matter/feed/ 0
Smartphone data leak: सावधान! इन खतरनाक ऐप्स को तुरंत डिलीट करें, आपका फोन हो सकता है फ्रॉड का शिकार https://chhattisgarhstate.com/smartphone-data-leak-be-careful-delete-these-dangerous-apps-immediately/ https://chhattisgarhstate.com/smartphone-data-leak-be-careful-delete-these-dangerous-apps-immediately/#respond Fri, 17 Jan 2025 09:38:14 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=3014 स्मार्टफोन में मौजूद कुछ ऐप्स की वजह से लाखों यूजर्स का डेटा साइबर(Smartphone data leak) अपराधियों के हाथ लग गया है। एक ऐसे ही डेटा ब्रीच की जानकारी सामने आई है, जिसमें लाखों स्मार्टफोन यूजर्स के डिवाइस के लोकेशन की जानकारी हैकर्स तक पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन में मौजूद डेटिंग ऐप्स, गेम्स और ई-मेल के जरिए हैकर्स आपके डिवाइस को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। एक हैकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया है कि इन ऐप्स में मौजूद ट्रैकर का इस्तेमाल करके यूजर्स को एडवर्टिजमेंट दिखाया गया है।

रिसर्च फर्म PredictaLabOff के CEO के मुताबिक, हैकर्स ने लोकेशन डेटा फर्म Gravy Analytics से लाखों Android और iOS यूजर्स के डिवाइस की सटीक लोकेशन डिटेल कलेक्ट करके उसे लीक किया है। इनमें से ज्यादातर iPhone यूजर्स थे, जो iOS 14.5 या इससे नीचे के वर्जन का इस्तेमाल कर रहे थे। 404 मीडिया की हाल में जारी रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर ने दावा किया है कि वो इन ऐप्स के जरिए यूजर्स की लोकेशन की जानकारी प्राप्त करके उसे एडवर्टाइजमेंट के लिए इस्तेमाल करके मॉनिटाइज किया है।

ALSO READ THIS : Rakasganda Waterfall: प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का अनुभव: यह जलप्रपात पर्यटकों की होती है पहली पसंद…. पत्थरों के बीच कलकल कर बहती जलधारा निर्मित करती है मनोरम दृश्य

हैकर ने इसके लिए क्लाउड बेस्ड स्टोरेज डेटा का इस्तेमाल किया है। 4 जनवरी को हुए डेटा ब्रीच में इस बात की जानकारी पता चली है। हैकर्स ने स्मार्टफोन में मौजूद कई लोकप्रिय ऐप्स के लोकेशन को ट्रैक किया है। इनमें से ज्यादातर ऐप्स के लाखों में डाउनलोड्स हैं। प्रेडिक्टा लैब के CEO के मुताबिक, हैकर्स के पास यूजर्स के डिवाइस की लोकेशन से जुड़ा 1.4GB डेटा था, जिसे लीक किया है। इस डेटा में कई ऐसे लोकेशन की भी जानकारी भी शामिल हैं, जो अमेरिकी मिलिट्री बेस और व्हाइट हाउस के पास पाई गई है।

डेटा ब्रीच में 3,455 लिस्ट में Android यूजर्स का डेटा है। जिन ऐप्स के जरिए डेटा लीक हुआ है उनमें लोकप्रिय डेटिंग ऐप Tinder का नाम शामिल है। इसके अलावा Grindr, Candy Crush, MyFitnessPal, Subway Surfers, Tumblr और Microsoft 365 जैसे लोकप्रिय ऐप्स भी शामिल हैं। लीक हुए डेटा में डिवाइस के लोकेशन के साथ एडवर्टिजमेंट आईडी भी शामिल है।iOS 14.5 और पुराने Android ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को तुरंत इन ऐप्स को अनइंस्टॉल कर देना चाहिए। साथ ही, यूजर्स को अपने फोन को लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ अपडेट करना होगा। ऐसा करने के आपके स्मार्टफोन की सिक्योरिटी बेहतर हो जाएगी और हैक होने का खतरा नहीं रहेगा।

]]>
https://chhattisgarhstate.com/smartphone-data-leak-be-careful-delete-these-dangerous-apps-immediately/feed/ 0
Rakasganda Waterfall: प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का अनुभव: यह जलप्रपात पर्यटकों की होती है पहली पसंद…. पत्थरों के बीच कलकल कर बहती जलधारा निर्मित करती है मनोरम दृश्य https://chhattisgarhstate.com/rakasganda-waterfall-experience-natural-beauty-and-peace-this-waterfall-is-the-first-choice-of-tourists-it-creates-a-flowing-stream-gurgling-between-the-stones/ https://chhattisgarhstate.com/rakasganda-waterfall-experience-natural-beauty-and-peace-this-waterfall-is-the-first-choice-of-tourists-it-creates-a-flowing-stream-gurgling-between-the-stones/#respond Fri, 17 Jan 2025 06:28:19 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=3010

पत्थरों के बीच कलकल कर बहती जलधारा निर्मित करती है मनोरम दृश्य

Rakasganda Waterfall:नए साल हो या कोई त्यौहार का समय पर्यटन और धार्मिक स्थलों में लोग छुट्टियां बिताने अवश्य पहुंचते हैं । सूरजपुर जिले में ऐसा ही एक मनोरम दृश्यों से घिरा पर्यटन स्थल है रकसगंडा वॉटरफॉल जो जिला मुख्यालय सूरजपुर से 120 किलोमीटर दूर ओडगी विकासखंड में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमा पर नवगई गांव में रेण नदी पर स्थित है। इस रकसगंडा वाटरफॉल की ऊंचाई लगभग 50 फीट है। यहां से गिरती जलधारा खूबसूरत मनमोहक दृश्य निर्मित करती है जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

यह भी पढ़े:- पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन एड्रेस कैसे अपडेट करें? जानिए

इस जलप्रपात क्षेत्र की खासियत है कि यहां बड़ी संख्या में विभिन्न संरचनाओ में पत्थरों का समूह विद्यमान है। यहां आकर इन पत्थरों के मध्य से होती हुए कलकल करती निरंतर प्रवाहित जलधारा की खूबसूरती को देखा जा सकता है। घने वनों के मध्य प्राकृतिक सुंदरता से ओतप्रोत यह वॉटरफॉल  मन को शांति प्रदान करता है। यहां की खूबसूरती लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती है, जिससे लोग त्यौहार हो या छुट्टियों का समय यहां भीड़ उमड़नी शुरू हो जाती है। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच यहां लोग अपने जीवन का खुशनुमा पल व्यतीत करने दूर दूर से पहुंचते हैं। ठंड का मौसम हो या छुट्टियों का समय यह पिकनिक मनाने के लिए पर्यटकों की खास पसंद होती है।

]]>
https://chhattisgarhstate.com/rakasganda-waterfall-experience-natural-beauty-and-peace-this-waterfall-is-the-first-choice-of-tourists-it-creates-a-flowing-stream-gurgling-between-the-stones/feed/ 0
फिशरी साइंस के छात्र रहे गंगाधर मछली पालन से बने लखपति, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ लेकर शुरू किया मत्स्य पालन, अब हो रही लाखों में कमाई https://chhattisgarhstate.com/gangadhar-a-student-of-fishery-science/ https://chhattisgarhstate.com/gangadhar-a-student-of-fishery-science/#respond Wed, 04 Dec 2024 14:22:59 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=3002 फिशरी साइंस के छात्र रहे गंगाधर मछली पालन से बने लखपति, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ लेकर शुरू किया मत्स्य पालन, अब हो रही लाखों में कमाई

मछली पालन का काम है फायदे का सौदा, पहले काम की बारीकियां सीखी फिर काम शुरू किया, खुशी है कि कभी खुद अभावों में जिए, अब दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम हूं – गंगाधर

सरगुजा जिले के विकासखण्ड मैनपाट के ग्राम काराबेल निवासी मत्स्य पालक गंगाधर पैंकरा बताते हैं कि मछली पालन का काम काफी फायदे का सौदा है। पहले इस काम की बारीकियां सीखी फिर काम शुरू किया, खुशी है कि कभी खुद अभावों में जिए, अब दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम हूं। सिर्फ नौ महीने में ही लगभग 10 लाख का मुनाफा कमाने वाले काराबेल के गंगाधर ने और लोगों को भी रोजगार दिया है। लखनपुर विकासखण्ड के ग्राम कुंवरपुर जलाशय में गंगाधर 18 नग केज स्थापना कर आसपास के ग्रामीणों के साथ मछली पालन का काम कर रहे हैं।

गंगाधर कवर्धा के मात्स्यिकीय महाविद्यालय से बैचलर्स ऑफ फिशरी साइंस के छात्र रह चुके हैं। वे बताते हैं कि मुझे मत्स्य पालन विषय में स्नातकोत्तर की भी इच्छा थी, परन्तु परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि आगे की पढ़ाई कर पाता। वर्ष 2018 में पढ़ाई पूरी करके इसी क्षेत्र में करियर बनाने का सोचा। पर इससे पहले जरूरी था कि फील्ड में भी इसकी बारीकियों को समझा जाए। मैंने तब कुछ मत्स्य फर्मों में काम करना शुरू किया। मत्स्य फर्मों में काम को अनुभव तो मिला पर पैसे कम थे। हम 4 भाई हैं, पिताजी ने किसी तरह खेती-बाड़ी कर शिक्षा को प्राथमिकता देकर सभी को शिक्षित किया। एक सामान्य कृषक परिवार में पैसों की जरूरूत तो हमेशा बनी ही रहती है।

ALSO READ THIS :- पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन एड्रेस कैसे अपडेट करें? जानिए

वर्ष 2023 में गंगाधर ने अपना काम शुरू करने के फैसला लिया और मछली पालन विभाग में सम्पर्क किया। उन्होंने लखनपुर के कुंवरपुर जलाशय में 18 नग केज स्थापना कर मत्स्य पालन के लिए आवेदन किया, जहां विभाग से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत 60 प्रतिशत यानि लगभग 32 लाख अनुदान राशि की स्वीकृति मिली और हितग्राही अंशदान व्यय कर केज की स्थापना की और मत्स्य बीज 2200 नग प्रति केज के मान से लगभग 40000 मत्स्य बीज का संचय किया। वे बताते हैं कि अब तक 33.44 लाख रुपए की कीमत के लगभग 35 टन मत्स्य विक्रय किया गया है, मछली के उत्पादन के बाद इसे थोक मार्केट में रेनुकूट (उत्तर प्रदेश), बनारस (उत्तर प्रदेश), अम्बिकापुर, और बिलासपुर आदि शहरों में बेचा गया। जिससे उन्हें लगभग 9 महीनों में ही लगभग 10 लाख रुपए तक का मुनाफा हुआ। वे बताते हैं कि अपनी ओर से जो लागत लगी थी, वो भी वसूल हो गई और साथ ही बड़ा मुनाफा भी हुआ। मछली उत्पादन और विक्रय के व्यवसाय से उनके जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है और आज वे अपने साथ-साथ केज में अन्य 8-10 लोगों को रोजगार देने में सक्षम हुए हैं। शासन कि किसान हितैषी योजनाओं ने आज पढ़े-लिखे युवाओं का ध्यान कृषि एवं अन्य कृषि सम्बन्धी गतिविधियों की ओर खींचा है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन,मछलीपालन जैसे कार्य से युवा समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं और खूब मुनाफा कमा रहे हैं।

]]>
https://chhattisgarhstate.com/gangadhar-a-student-of-fishery-science/feed/ 0
पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन एड्रेस कैसे अपडेट करें? जानिए https://chhattisgarhstate.com/know-how-to-update-address-online-for-pan-card/ https://chhattisgarhstate.com/know-how-to-update-address-online-for-pan-card/#respond Wed, 04 Dec 2024 14:07:51 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2999 पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन एड्रेस कैसे अपडेट करें? जानिए

Pan Card 2.0: नए पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। वहीं इसे अब एड्रेस प्रूफ के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। नया पैन कार्ड बनवाना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि इसके लिए आवेदन कैसे करेंगे और इसे कैसे प्राप्त कर सकेंगे?

ऑफिशियल पोर्टल https://www.onlineservices.nsdl.com/ पर लॉग इन करें।
वेबपेज पर अपना पैन नंबर, आधार नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। शर्तों को स्वीकार करके सबमिट बटन दबाएं।
नए पेज पर ई-केवाईसी वेरिफाई करने के लिए आधार कार्ड की जानकारी देकर OTP हासिल करें।
‘ई-केवाईसी जारी रखें’ पर क्लिक करके OTP नंबर भरकर सबमिट करें।
आयकर रिकॉर्ड में कॉन्टैक्ट डिटेल बदलने का विकल्प मिलेगा।
अपना वर्तमान मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस भरे। वेरिफाई करने का OTP मिलेगा।
आधार कार्ड पर अंकित एड्रेस से पैन कार्ड के लिए दिए गए एड्रेस का मिलान करें।
OTP भरकर सबमिट कर दें। आपका पता बिना किसी शुल्क के अपडेट हो जाएगा।

ALSO READ THIS:- The blind world of reels: सोशल मीडिया, रील्स की लत कैसे बर्बाद कर रही है हमारा दिमाग?” जानिए क्या आप भी इसके शिकार हैं?

]]>
https://chhattisgarhstate.com/know-how-to-update-address-online-for-pan-card/feed/ 0
The blind world of reels: सोशल मीडिया, रील्स की लत कैसे बर्बाद कर रही है हमारा दिमाग?” जानिए क्या आप भी इसके शिकार हैं? https://chhattisgarhstate.com/the-blind-world-of-reels-how-the-addiction-of-social-media-reels-is-ruining-our-brain-know-whether-you-are-also-a-victim-of-it/ https://chhattisgarhstate.com/the-blind-world-of-reels-how-the-addiction-of-social-media-reels-is-ruining-our-brain-know-whether-you-are-also-a-victim-of-it/#respond Wed, 04 Dec 2024 10:48:37 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2996 इंटरनेट की दुनिया में आज आधुनिक मोबाइल होना कोई बड़ी बात नहीं है। हमारे आस-पास ऐसे कई लोग हैं जो इंस्टाग्राम, टिकटॉक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घंटों रील्स देखने में गुजार लेते हैं। बिना सोचे-समझे घंटों स्क्रॉल करते रहते हैं। कई बार इस तरह के वीडियो हमारे लिए कोई मतलब के नहीं होते। अगर आपके आस-पास कोई ऐसा कर रहा है या आप खुद ऐसा करते हैं तो शायद आप ब्रेन रोट से पीड़ित हो सकते हैं। यह एक ऐसी खतरनाक लत की चपेट में है जो दिमाग को सड़ा रही है, बौद्धिक क्षमता को खत्म कर रही है। हाल ही में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने इस शब्द को 2024 का वर्ड ऑफ द ईयर घोषित किया।

ब्रेन रोट को लेकर रिपोर्ट कहती है कि 2023 से 2024 के बीच इस शब्द के इस्तेमाल में 230 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऑक्स फोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी ब्रेन रोट शब्द को 2024 का वर्ड ऑफ द ईयर चुना है। ब्रेन रोट ऐसी आदत है, जो हमें घंटों रील्स देखने से हो सकती है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह ऐसी आदत है जो हमें मानसिक रूप से क्षति पहुंचा रही है और हमारी बौद्धिक क्षमता को खत्म कर रही है।

ब्रेन रोट की इतनी चर्चा क्यों हो सकता है कि ब्रेन रोट आपके लिए नया शब्द हो, लेकिन इसका पहली बार इस्तेमाल इंटरनेट के निर्माण से बहुत पहले हो गया था। 1854 में हेनरी डेविड थोरो नामक लेखक ने अपनी पुस्तक वाल्डेन में इसके बारे में लिखा था। उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल मानसिक और बौद्धिक प्रयास में सामान्य गिरावट के लिए किया। यह शब्द सोशल मीडिया पर जेन जेड और जेन अल्फा समुदायों के बीच लोकप्रिय हुआ था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर पाई जाने वाली बेकार और बिना मतलब के वीडियो या रील्स देखने की आदत के लिए किया जाता है।

यह भी पढ़े:- जियो के सस्ते प्लान्स: 200 रुपये से कम में पाएं हाई स्पीड डेटा और फ्री सब्सक्रिप्शन!”… जानिए जियो के सस्ते और पॉपुलर प्लान्स के बारे में

ब्रेन रोट के बारे में हम यह तो समझ चुके हैं कि यह ऐसी आदत है जो हमारी बौद्धिक क्षमता को लगातार गिरा रही है। इसका बुरा असर हमारे मस्तिष्क पर पड़ता है। आपने आस-पास महसूस किया होगा कि पैरेंट्स अपने बच्चों को बिजी करने के लिए मोबाइल पकड़ा देते हैं। कुछ ही दिनों में बच्चों के लिए मोबाइल बहुत जरूरी हो जाता है। अगर उन्हें मोबाइल नहीं मिलता तो वे खाना नहीं खाते, अजीबोगरीब हरकतें करने लगते हैं। इतना ही नहीं हिंसक हो जाते हैं। मोबाइल पर निम्न स्तर के वीडियो से बच्चों के कोमल दिमाग पर भी इसका गहरा असर पड़ता है। वे मोबाइल पर हो रही काल्पनिक चीजों पर यकीन करने लगते हैं और वास्तविकता में भी उसे दोहराना चाहते हैं। जानकारों का मानना है कि यह बेहद ही खतरनाक है।

]]>
https://chhattisgarhstate.com/the-blind-world-of-reels-how-the-addiction-of-social-media-reels-is-ruining-our-brain-know-whether-you-are-also-a-victim-of-it/feed/ 0
जुआ खेलने का शौक तो था, पर अब जेल की हवा खानी पड़ेगी!” पढ़िए खबर https://chhattisgarhstate.com/was-fond-of-gambling-but-now-will-have-to-face-jail-read-news/ https://chhattisgarhstate.com/was-fond-of-gambling-but-now-will-have-to-face-jail-read-news/#respond Wed, 04 Dec 2024 08:33:34 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2993 कोरिया जिले के चरचा क्षेत्र में पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेल रहे 7 जुआरियों को दबोच लिया। जुआरी समझते थे कि “बिना खेलें कैसे जीत सकते हैं?” लेकिन अब उन्हें यह समझ में आया कि “जुआ खेलकर जीत तो सकते हो, लेकिन पकड़े जाने पर हार जाओगे!”

कोरिया पुलिस की दबिश के दौरान, दो अलग-अलग स्थानों से कुल 22,800 रुपये की नकदी, ताश की 52 पत्तियां और मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। पुलिस ने जुआ खेलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशों के तहत जुआ-सट्टा पर लगातार कार्रवाई जारी है, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। अब इन जुआरियों को यह सीख मिल गई होगी कि “जुआ खेलने में मजा तो है, लेकिन पुलिस के साथ खेलने में कोई मजा नहीं!”

महादेव राजवाड़े (45)
बिजेंद्र सिंह (22)
प्रीतपाल सिंह (28)
अंगत राजवाड़े (25)
निसार हुसैन (48)
सोनू कुमार (30)
विनोद कुमार (42)

]]>
https://chhattisgarhstate.com/was-fond-of-gambling-but-now-will-have-to-face-jail-read-news/feed/ 0
जियो के सस्ते प्लान्स: 200 रुपये से कम में पाएं हाई स्पीड डेटा और फ्री सब्सक्रिप्शन!”… जानिए जियो के सस्ते और पॉपुलर प्लान्स के बारे में https://chhattisgarhstate.com/jios-cheap-plans-get-high-speed-data-and-free-subscription-for-less-than-rs-200-know-about-jios-cheap-and-popular-plans/ https://chhattisgarhstate.com/jios-cheap-plans-get-high-speed-data-and-free-subscription-for-less-than-rs-200-know-about-jios-cheap-and-popular-plans/#respond Wed, 04 Dec 2024 08:03:58 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2990 जियो के सस्ते प्लान्स: 200 रुपये से कम में पाएं हाई स्पीड डेटा और फ्री सब्सक्रिप्शन!”… जानिए जियो के सस्ते और पॉपुलर प्लान्स के बारे में

रिलायसं जियो देश का सबसे बड़ा टेलिकॉम ऑपरेटर है। जियो के पास इस समय 49 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। बेहतरीन नेटवर्क और सस्ते प्लान्स की वजह से जियो ने अपने साथ इतना बड़ा यूजर बेस जोड़ा है। जियो के पास इस यूजर बेस में 4G और 5G दोनों ही तरह के नेटवर्क इस्तेमाल करने वाले यूजर्स हैं। दूसरी टेलिकॉम कंपनियों की तुलना में जियो का पोर्टफोलियो काफी बड़ा है। कंपनी के पास ग्राहकों के लिए कई तरह के प्लान्स मौजूद हैं।

ALSO READ THIS :- ऐसे पहुचे रायपुर के जंगल सफारी,कम पैसो में बन जायेगा आपका काम

अगर आप जियो का सिम इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। जियो ने जुलाई के महीने में अपने प्लान्स के दाम में बढ़ोतरी की थी। इस फैसले से जियो को कुछ ग्राहकों का नुकसान भी हुआ है। हालांकि जियो के पास अब भी कई सारे ऐसे प्लान्स मौजूद है जो यूजर्स के फेवरेट हैं। जियो अपने ग्राहकों को 200 रुपये से कम कीमत के प्लान्स भी ऑफर करता है। अगर आप हाई स्पीड डेटा चाहते हैं तो जियो के ये सस्ते प्लान्स ऑपको पसंद आने वाले हैं।

अगर आप एक महीने वाला कोई अच्छा रिचार्ज प्लान तलाश रहे हैं तो आप जियो के इस रिचार्ज प्लान की तरफ जा सकते हैं। जियो 189 रुपये के प्लान में ग्राहकों को 28 दिन की वैलिडिटी देता है। इसमें आपको 2GB डेटा के साथ हर दिन 100 फ्री एसएमएस मिलते हैं। अगर आपको कॉलिंग की ज्यादा जरूरत है तो आप इस प्लान के साथ जा सकते हैं। इसमें आपको 28 दिन के लिए जियो टीवी, जियो सिनेमा और जियो क्लाउड का फ्री सब्सक्रिप्शन भी मिलता है। 

]]>
https://chhattisgarhstate.com/jios-cheap-plans-get-high-speed-data-and-free-subscription-for-less-than-rs-200-know-about-jios-cheap-and-popular-plans/feed/ 0
राहुल यादव का सब-इंस्पेक्टर पद पर चयन: परिवार का गौरव बढ़ाया, 36वीं रैंक के साथ सपना हुआ साकार https://chhattisgarhstate.com/selection-of-rahul-yadav-on-the-post-of-sub-inspector-brought-pride-to-the-family-dream-came-true-with-36th-rank/ https://chhattisgarhstate.com/selection-of-rahul-yadav-on-the-post-of-sub-inspector-brought-pride-to-the-family-dream-came-true-with-36th-rank/#respond Sat, 02 Nov 2024 18:36:03 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2981 रायपुर:-छत्तीसगढ़ के युवा राहुल यादव ने सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित होकर अपने परिवार और गाँव का नाम रोशन किया है। 2021 में निकली छत्तीसगढ़ राज्य सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में उन्होंने पूरे प्रदेश में 36वीं रैंक हासिल की। राहुल का यह सफर उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय का परिणाम है, जिसमें उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा है।

राहुल यादव एक समर्पित परिवार से आते हैं, जहाँ देश सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का माहौल हमेशा से रहा है। उनके एक बड़े भाई, अभिषेक यादव, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में कार्यरत हैं, जबकि दूसरे भाई छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से चयनित होकर लोक निर्माण विभाग (PWD) में ऑडिटर पद पर कार्यरत हैं। इनके पिता एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, जिन्होंने अपने बच्चों में शिक्षा और समाज सेवा का संस्कार बचपन से ही डाला। इनकी माता जी श्रीमती बिमला यादव कुशल गृहणी है जो अपने बच्चों की परवरिश और परिवार के प्रति अपना सर्वस्व समर्पित कर देती हैं।

राहुल के अनुसार, उनके पिता की शिक्षा और भाइयों की देश सेवा से प्रेरणा लेकर ही उन्होंने पुलिस सेवा में आने का सपना देखा था। उनका मानना है कि इस उपलब्धि का श्रेय उनके परिवार, गुरुओं, और मित्रों के समर्थन को जाता है। सब-इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति से वे समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समर्पित रूप से कार्य करने का संकल्प लेते हैं।

ALSO READ THIS :- Voter card Id online: – 2 mint में घर बैठे बनाए अपना वोटर आईडी,ऐसे करे अप्लाई जाने स्टेप्स बाय स्टेप्स

]]>
https://chhattisgarhstate.com/selection-of-rahul-yadav-on-the-post-of-sub-inspector-brought-pride-to-the-family-dream-came-true-with-36th-rank/feed/ 0