ambikapur – अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम https://chhattisgarhstate.com अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम Mon, 01 Jul 2024 11:54:42 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://chhattisgarhstate.com/wp-content/uploads/2024/02/chhattsgarh-state-2-75x75.png ambikapur – अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम https://chhattisgarhstate.com 32 32 रात्रि 12:00 बजे से जिले सहित देश भर मे लागू हुआ नवीन क़ानून,सरगुजा पुलिस द्वारा नवीन क़ानून के परिपालन हेतु जनप्रतिनिधियों सहित आमनागरिकों कों किया गया जागरूक https://chhattisgarhstate.com/the-new-law-came-into-effect-across-the-country-including-the-district-from-1200-pm-surguja-police-has-called-on-citizens-including-public-representatives-to-enforce-the-new-law/ https://chhattisgarhstate.com/the-new-law-came-into-effect-across-the-country-including-the-district-from-1200-pm-surguja-police-has-called-on-citizens-including-public-representatives-to-enforce-the-new-law/#respond Mon, 01 Jul 2024 11:54:40 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2560 आज दिनांक 01/07/24 के रात्रि 12:00 बजे से जिला सरगुजा सहित देश भर मे नवीन क़ानून प्रभावशील हो गया हैं, नवीन कानूनों के क्रियान्वयन हेतु पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री योगेश पटेल के निर्देशन मे थाना/चौकी प्रभारियों द्वारा थाना/ चौकी परिसर की साफ सफाई, साज सज्जा एवं रौशनी कर आमनागरिकों के लिए नवीन क़ानून संबंधी सेल्फी पॉइंट बनाया गया है थाना/चौकी परिसर मे जनप्रतिनिधि सहित आमनागरिकों कों आमंत्रित कर नवीन क़ानून के सम्बन्ध मे जागरूक किया गया।

आमनागरिकों कों नवीन कानूनों के सम्बन्ध मे जानकारी देते हुए बताया गया कि आप अपनी शिकायतों कों ई-एफआईआर के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं, शिकायत दर्ज करने के 03 दिवस के अन्दर संबंधित व्यक्ति कों थाना आकर अपनी रिपोर्ट की पुष्टि करनी होंगी जिससे मामले मे प्रकरण दर्ज किया जायगा, अब थाना छेत्र की सीमा से सम्बंधित थाना या किसी अन्य थाने मे अपराध दर्ज करने की प्रकिया मे कोई समस्या नही होने होंगी, जीरो एफआईआर के तहत अपराध दर्ज किया जा सकेगा, न्याय प्रक्रिया कों पारदर्शी एवं त्वरित व्यवस्था प्रदान करने हेतु सभी प्रकरणों मे समय सीमा तय की गई हैं, साथ ही 07 वर्ष से अधिक के सजा के प्रकरणों मे एफ. एस. एल. टीम की जांच अनिवार्य होना बताया गया जिससे प्रकरण मे अहम् साक्ष्य प्राप्त होंगे, प्रकरणों मे जांच अधिकारी द्वारा घटनास्थल मे जांच करते समय समय फोटो/वीडियोग्राफी कराई जायगी जिससे आमनागरिकों कों त्वरित एवं पारदर्शी न्याय प्राप्त होगा।

कार्यक्रम मे थाना/चौकी प्रभारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों सहित आमनागरिकों कों नये क़ानून का प्रचार प्रसार करने समझाईस दी गई, जन जन तक नवीन क़ानून कों पहुंचाकर आमनागरिकों कों लाभान्वित करना प्रमुख उद्देश्य होना बताया गया, आमनागरिकों द्वारा सेल्फी पॉइंट मे सेल्फी लेकर नवीन कानूनों के प्रति उत्सुकता जाहिर किया गया।

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अगर आप भी बना रहे है मैनपाट जाने का प्लान,मिस मत करे ये सारे जगह https://chhattisgarhstate.com/nullnull/ https://chhattisgarhstate.com/nullnull/#respond Sat, 08 Jun 2024 18:26:01 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2459 आये जानते है छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के बारे में , मैनपाट एक छोटा सा गांव है जिसे प्रकृति ने बेहद खूबसूरती से नवाजा है। हरे-भरे मैदान, खूबसूरत झरने और आश्चर्यजनक प्राकृतिक स्थल मैनपाट को अद्वितीय बनाते हैं। यह सरगुजा जिले के विंध्यवासिनी पर्वत पर स्थित है, जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई लगभग साढ़े तीन हजार फीट है। यहां कई पर्यटन स्थल हैं जो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। कम तापमान और सर्दियों में बर्फबारी की वजह से इसे छत्तीसगढ़ का शिमला भी कहा जाता है।

मैनपाट को छोटा तिब्बत भी कहा जाता है क्योंकि 1965 में भारत-चीन युद्ध के बाद तिब्बतियों को यहां शरणार्थी के रूप में बसाया गया था। इसलिए इसे मैनपाट कोटा वृद्धि भी कहते हैं। मैनपाट में घूमने के लिए बहुत कुछ है और यहां कई मनोरम स्थल हैं। अगर आप कभी मैनपाट आएं, तो इन खास जगहों को देखना न भूलें:

  1. टाइगर पॉइंट: यह जगह अपने झरनों और बंदरों के लिए प्रसिद्ध है। महादेव मोड नदी यहां लगभग 60 मीटर की ऊंचाई से गिरती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले यहां जंगल में बाघ दिखाई देते थे, इसलिए इसका नाम टाइगर पॉइंट पड़ा।
  2. जलजली पॉइंट: यहां की जमीन बिना भूकंप के भी हिलती है। अगर आप यहां उछलते हैं, तो जमीन भी हिलती है। यह प्राकृतिक करिश्मा देखने लायक है।
  3. उल्टा पानी: इस जगह का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यहां पानी का बहाव ऊंचाई की तरफ होता है। सड़क पर खड़ी न्यूट्रल गाड़ी भी पहाड़ी की ओर खिंच जाती है।
  4. जलपरी पॉइंट: यह सबसे खूबसूरत झरनों में से एक है, जो लगभग 80 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। घने जंगलों के बीच स्थित इस झरने तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना होगा। जलपरी पॉइंट के मनोरम दृश्य सैलानियों को आकर्षित करते हैं।
  5. मैनपाट कार्निवाल: इस महोत्सव की शुरुआत 2012 में हुई थी। हर साल फरवरी में आयोजित इस उत्सव में स्कूल-कॉलेज के छात्र, स्थानीय कलाकार और छत्तीसगढ़ के कलाकार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं।

दोस्तों, मैनपाट का सफर रोमांचक है। अगर आप इस जगह का दौरा करना चाहते हैं, तो साल के किसी भी महीने आ सकते हैं, लेकिन बारिश और ठंड के मौसम में इसकी खूबसूरती अपने चरम पर होती है। अगर आप प्राकृतिक सौंदर्य के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का मजा लेना चाहते हैं, तो मैनपाट कार्निवाल के दौरान जरूर आएं।

हमें बताएं कि आपको मैनपाट की यह जानकारी कैसी लगी।

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