Chhattisgarh History – अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम https://chhattisgarhstate.com अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम Sat, 08 Jun 2024 18:34:39 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://chhattisgarhstate.com/wp-content/uploads/2024/02/chhattsgarh-state-2-75x75.png Chhattisgarh History – अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम https://chhattisgarhstate.com 32 32 आखिर कैसा है छत्तीसगढ़ का आखरी गाँव,जाने कियूं वहा लोग जाने से डरते है https://chhattisgarhstate.com/how-is-the-last-village-of-chhattisgarh-why-are-people-afraid-of-going-there/ https://chhattisgarhstate.com/how-is-the-last-village-of-chhattisgarh-why-are-people-afraid-of-going-there/#respond Sat, 08 Jun 2024 18:34:37 +0000 https://chhattisgarhstate.com/?p=2464 किसी भी राज्य या देश के हर कोने में अंतिम गांव होना स्वाभाविक बात है, लेकिन कुछ स्थान अपनी विशेषताओं के कारण अन्य स्थानों से भिन्न और महत्वपूर्ण होते हैं। आज हम आपको हमारे राज्य छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव, आमामोरा, के बारे में बताने वाले हैं। आमामोरा एक विशेष गांव है जहां चुनाव के समय अधिकारियों को हेलीकॉप्टर से लाया जाता है। इस गांव में आज भी बिजली नहीं है और लोग सोलर पैनल से जीवनयापन कर रहे हैं। पक्की सड़कें तो यहां कोसों दूर हैं।

आप सोच रहे होंगे कि इस गांव में सुविधाओं की कमी है, फिर भी हम आपको इसकी विशेषता बताने वाले हैं। यह गांव अपनी सुंदरता और मंत्रमुग्ध कर देने वाली हवाओं के लिए जाना जाता है। आमामोरा, गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक में स्थित है। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 78 किलोमीटर दूर है और धवलपुर से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है। मुख्य मार्ग को छोड़ने के बाद आपको जंगलों और पगडंडियों के सहारे यहां पहुंचना होगा।

आमामोरा 6,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। रास्ते में आपको कई ऐसी निशानियां दिखाई देंगी जिन्हें देखकर आपको लगेगा कि आगे बढ़ना खतरे से खाली नहीं है, लेकिन आमामोरा की सुंदरता आपको अपनी ओर खींच लेगी। इसे ऊपरी क्षेत्रीय गांव भी कहा जाता है, और यहां से सिख का सिर बांधा डुबान क्षेत्र आसानी से दिखाई देता है।

गांव पहुंचने पर आप यहां की शांति और प्राकृतिक सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। यहां के लोग कम साधनों के साथ शांति से जीवन जी रहे हैं। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो यह गांव आपके लिए स्वर्ग समान है। आमामोरा की सबसे बड़ी खूबसूरती यहां के जलप्रपात हैं। यहां चार बड़े और कई छोटे जलप्रपात स्थित हैं।

धनिया जलप्रपात एक छुपा हुआ सुंदर जलप्रपात है, जो आम लोगों से दूर है। आमामोरा गांव से कुछ किलोमीटर पहले ओल्ड नामक गांव में यह जलप्रपात स्थित है। यहां पहुंचने के लिए कुछ किलोमीटर की ट्रेकिंग करनी पड़ती है।

देवधारा जलप्रपात, मैनपुर से 25 किलोमीटर और गरियाबंद जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित है। यह जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है और पर्यटकों को आकर्षित करता है। बारिश के मौसम में इसका दृश्य अत्यंत मनोरम होता है।

यह क्षेत्र उदंती अभयारण्य क्षेत्र के बीहड़ जंगलों में स्थित है और अगर शासन और प्रशासन ध्यान दें तो यह एक प्रमुख पर्यटक स्थल बन सकता है।

दोस्तों, यह था छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव आमामोरा का वर्णन। हमें कमेंट में जरूर बताएं कि यह वीडियो आपको कैसा लगा। हमारे चैनल पर नए हैं तो वीडियो को लाइक करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। अंत तक हमारे साथ बने रहने के लिए आपका दिल से धन्यवाद।

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