रीढ़ की हड्डी में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख दो प्रकार के होते हैं: डायरेक्ट और इनडायरेक्ट। डायरेक्ट कारणों में संक्रमण शामिल हैं, जबकि इनडायरेक्ट कारणों में मैकेनिकल पेन अधिक सामान्य है।
यदि रीढ़ की हड्डी में दर्द हो तो सबसे पहले आराम करें। दो से तीन दिन का आराम काफी होता है। इसके साथ ही गर्म पानी या बर्फ से सिकाई करने से राहत मिलेगी। अगर दर्द सिर्फ कमर में है और हाथ या पैर में नहीं है, तो घरेलू उपचार और डॉक्टर की सलाह से दर्द निवारक दवाइयां लेकर आराम पाया जा सकता है।
अगर दर्द बहुत अधिक हो और तीन दिनों में कम नहीं हो रहा हो, या हाथ-पैर में झुनझुनी या भारीपन महसूस हो रहा हो, तो डॉक्टर को दिखाना आवश्यक है। डॉक्टर की जांच और निदान के बाद, फिजिकल थेरेपी, इलेक्ट्रिकल थेरेपी या मैन्युअल थेरेपी से दर्द कम किया जा सकता है। दर्द कम होने पर स्ट्रेचिंग, रेंज ऑफ मूवमेंट एक्सरसाइज और एंडोरेंस बढ़ाने वाली एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है।
अगर रीढ़ की हड्डी में दर्द का कारण स्लिप डिस्क या स्पाइन के अन्य मुद्दे हैं, तो डॉक्टर विशेष निदान करेंगे और उसके अनुसार उपचार देंगे। 100 में से 90% मामलों में ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। आराम, सही पोस्चर, दवाइयां, फिजिकल थेरेपी और एक्सरसाइज से राहत मिलती है।
कुछ मामलों में, जैसे कि टीबी की बीमारी, टीबी की दवाइयां दी जाती हैं। अन्य मामलों में संबंधित उपचार किया जाता है। 100 में से 10% मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है और आधुनिक तकनीकों से 99% लोग बिना किसी कॉम्प्लिकेशन के ठीक हो जाते हैं।
अपनी रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए पहले से ही सावधानियाँ बरतनी चाहिए। सही पोषण (कैल्सियम, प्रोटीन, विटामिन) और नियमित एक्सरसाइज (योग, चलना, दौड़ना) आवश्यक है। ज्यादा तनावपूर्ण गतिविधियों से बचें और गलत तरीके से शरीर का उपयोग न करें।


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