By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगमअतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगमअतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम
Notification Show More
Font ResizerAa
  • रोजगार
  • स्थल
  • आध्यात्मिक/धार्मिक
  • वन्य जीवन और प्रकृति
  • स्टार्टअप
  • शिक्षा
  • स्थल
Reading: क्या हमारा भाग्य पहले से ही लिखा होता है या यह हमारे कर्मों से निर्धारित होता है?
Share
Font ResizerAa
अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगमअतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम
Search
  • Home
    • छत्तीसगढ़
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
  • Bookmarks
    • Customize Interests
    • My Bookmarks
  • More Foxiz
    • Blog Index
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम > Blog > आध्यात्मिक/धार्मिक > क्या हमारा भाग्य पहले से ही लिखा होता है या यह हमारे कर्मों से निर्धारित होता है?
आध्यात्मिक/धार्मिक

क्या हमारा भाग्य पहले से ही लिखा होता है या यह हमारे कर्मों से निर्धारित होता है?

क्या हमारा भाग्य पहले से ही लिखा होता है या यह हमारे कर्मों से निर्धारित होता है?

News Desk
Last updated: June 16, 2024 2:24 pm
News Desk Published June 16, 2024
Share
SHARE
Highlights
  • हिंदू धर्म ग्रंथों
  • भाग्य

क्या हमारा भाग्य पहले से ही लिखा होता है या यह हमारे कर्मों से निर्धारित होता है? यह एक महत्वपूर्ण और पुरानी चर्चा है। कई लोग मानते हैं कि हमारा भाग्य जन्म से पहले ही तय हो जाता है, जबकि अन्य मानते हैं कि हमारे कर्म ही हमारे भाग्य का निर्माण करते हैं। भाग्य और कर्म को समझना आवश्यक है, क्योंकि इससे यह पता चलेगा कि क्या हमारे पूर्व निर्धारित भाग्य के कारण हम पाप कर्म करते हैं, या हमारे कर्म ही हमारे भाग्य को बनाते और बिगाड़ते हैं।

इस वीडियो में आप जानेंगे कि भाग्य और कर्म में अधिक शक्तिशाली कौन है और क्यों। साथ ही, इस विषय पर गरुड़ पुराण, हिंदू धर्म ग्रंथों, आचार्य चाणक्य की चाणक्य नीति, और विभिन्न धर्मों जैसे इस्लाम और ईसाई धर्म में क्या लिखा है, वह भी जानेंगे।

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे चैनल संतोष जोशी ज्ञान में। आपसे अनुरोध है कि इस वीडियो को अंत तक देखें, चैनल को सब्सक्राइब करें, और कमेंट बॉक्स में जय श्री नारायण लिखकर परमात्मा को अपना आभार व्यक्त करें।

सबसे पहले, गरुड़ पुराण में भाग्य के बारे में क्या कहा गया है, वह जानें। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद केवल शरीर नष्ट होता है, आत्मा नहीं। कुल 84 लाख योनियों में मनुष्य योनि सबसे श्रेष्ठ मानी गई है। मनुष्य को उसके कर्मों के आधार पर अगली योनि मिलती है। गरुड़ पुराण कहता है कि जो व्यक्ति धर्म, वेद, पुराण का अपमान करता है, उसका अगला जन्म कुत्ते की योनि में होता है। जो धोखा देते हैं, उनका जन्म गिद्ध के रूप में होता है। इससे स्पष्ट होता है कि हमारे कर्म ही हमारे अगले जन्म का निर्धारण करते हैं।

आचार्य चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति अपने कर्मों से अपनी मृत्यु को भी प्रभावित कर सकता है। चाणक्य नीति में कहा गया है कि किसी भी मनुष्य के भाग्य की पांच चीजें – आयु, कर्म, धन, विद्या, और मृत्यु का समय – मां के गर्भ में ही तय हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों के हिसाब से सुख-दुख भोगना पड़ता है, चाहे वह वर्तमान के हों या पिछले जन्म के।

भगवान श्री कृष्ण ने भगवद गीता में बताया है कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माण खुद करता है। जीवन के हर कदम पर हमारी सोच, व्यवहार और कर्म ही हमारा भाग्य निर्धारण करते हैं। गीता में कंस की कथा बताई गई है, जहां कंस अपने भाग्य से बचने की कोशिश करता है, लेकिन अंततः उसके कर्म ही उसके विनाश का कारण बनते हैं।

सनातन धर्मशास्त्रों और पुराणों के अनुसार, हर प्राणी का भाग्य जन्म से पहले ही निश्चित होता है। लेकिन यह भी कहा गया है कि भाग्य को कर्म से बदला जा सकता है। हिंदू धर्म में भाग्य को प्रारब्ध कहा जाता है, जिसका मतलब है कि हमारा वर्तमान जीवन हमारे पिछले कर्मों का फल है। हमें अपने कर्मों को सुधारने का प्रयास करना चाहिए और भाग्य को स्वीकार करना चाहिए।

पुराणों में एक कहानी आती है जिसमें देवर्षि नारद जी ने भगवान विष्णु से पूछा कि पाप करने वालों को अच्छा फल क्यों मिल रहा है। भगवान विष्णु ने बताया कि कर्म के अनुसार ही सबकुछ हो रहा है। चोर को सोने की मोहरे मिलीं, लेकिन खजाना नहीं, क्योंकि उसने पाप किया था। वहीं साधु को गड्ढे में इसलिए गिरना पड़ा क्योंकि उसके भाग्य में मृत्यु थी, लेकिन उसके पुण्य के कारण वह बच गया। इससे स्पष्ट होता है कि कर्म से ही भाग्य तय होता है।

इस प्रकार, पुराणों के अनुसार कर्म को भाग्य से श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि भाग्य पर हमारा नियंत्रण नहीं होता, लेकिन कर्म पर होता है। कर्म से हम अपना भाग्य सुधार सकते हैं, जबकि भाग्य से कर्म नहीं सुधरते। कर्म करते रहना महत्वपूर्ण है, क्योंकि सफलता हमारे कर्मों का ही परिणाम होती है।

You Might Also Like

Gagnai Reservoir tourism: प्रकृति की गोद में स्थित गगनई जलाशय में नौकायन का भरपूर आनंद ले सकते हैं पर्यटक

घर में इन पेड़-पौधों को लगा लो ये अत्यंत सुभ होते है

Chaiturgarh Mandir Chhattisgarh | चैतुरगढ़ छत्तीसगढ़ | Chaiturgarh Korba |

खुद की वैल्यू बढ़ाने के 15 तरीके || Chanakya Niti ||

घर में पैसा नहीं टिकता तो आज ही 10 चीज घर से हटा दो अमीर बनने से कोई नहीं रोकेगा

TAGGED:bhagaykarmaहिंदू धर्म ग्रंथों
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment
  • * * * $3,222 payment available! Confirm your operation here: http://uwiapartment.com/index.php?ej9b28 * * * hs=1dd32a99d38d49785ae2d55bb8d6dcde* ххх* says:
    November 8, 2025 at 7:30 am
    Your comment is awaiting moderation.

    w83vrn

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular News
शिक्षा

स्पेस एडवेंचर पर हाइलाइटेड मूवीज़: जरूर देखें

News Desk News Desk June 23, 2024
अनुसूचित जाति के लिए ऋण आधारित योजनाएं – सावधि ऋण (टीएल)
सरगुजा ब्रेकिंग: उदयपुर में हाथियों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत
इन चीजो को खाने से बढता है यूरिक एसिड,ऐसे बचे !
अनुसूचित जाति के लिए ऋण आधारित योजनाएँ – सूक्ष्म ऋण वित्त
  • भारत
  • रोजगार
  • स्थल
  • त्योहार
  • वन्य जीवन और प्रकृति
  • जॉब – एजुकेशन
  • क्रिकेट
  • लाइफस्टाइल

About US

At ChhattisgarhState.com, we are dedicated to bringing you the latest news, information, and insights about the vibrant and diverse state of Chhattisgarh. Whether you're a resident, a visitor, or simply curious about this unique region, our goal is to provide you with a comprehensive and engaging resource.
Quick Link
  • GET IN TOUCH
  • BECOME WRITER
  • ADVERTISE WITH US
  • Member Login
  • Password Reset
Top Categories
  • आध्यात्मिक/धार्मिक
  • वन्य जीवन और प्रकृति
  • टेक – ऑटो
  • मनोरंजन
  • रोजगार
  • लाइफस्टाइल
  • शिक्षा
  • हेल्थ

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]
- Advertisement -
- Advertisement -
अतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगमअतुल्य छत्तीसगढ़: संस्कृति, सौंदर्य और समृद्धि का संगम
© Chhattishgarhstate.com. The Code Symc. All Rights Reserved.
adbanner
AdBlock Detected
Our site is an advertising supported site. Please whitelist to support our site.
Okay, I'll Whitelist
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?