यह आर्टिकल उन सभी पेरेंट्स के लिए है,जो अभी फर्स्ट पेरेंट्स बने है,कुछ सुझाव है हमारे तरफ से कैसे अपने बच्चो का ध्यान रखे सुरुवाती दिनों में क्या खिलाये उन्हें,कैसे वातावरण में रखे
1. ब्रेस्ट मिल्क का महत्व
बच्चे के लिए ब्रेस्ट मिल्क बहुत फायदेमंद होता है। यह बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास में मदद करता है। नई स्टडी के अनुसार, बच्चों को तीन साल तक ब्रेस्ट मिल्क देना चाहिए। अगर दूध की सप्लाई कम है, तो बच्चे को बार-बार दूध पिलाने की कोशिश करें और घरेलू उपाय भी आजमाएं। यदि समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें।
2. बच्चे की पोषक तत्वों की जरूरत
एक साल तक बच्चों की आंतों में कई बदलाव होते हैं। कभी-कभी उनके पॉटी का रंग बदलता है, जो नॉर्मल है। लेकिन अगर बच्चा काली या सफेद पॉटी कर रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आयरन की कमी से भी पॉटी का रंग बदल सकता है।
3. सप्लीमेंट्स का सेवन
डॉक्टर अक्सर बच्चों को विटामिन डी और आयरन जैसे सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। यह ध्यान रखें कि धूप में बैठने से भी विटामिन डी मिल सकता है, लेकिन कई बार सप्लीमेंट्स जरूरी होते हैं। आयरन की कमी बच्चों में आम होती है, खासकर 0-2 साल के बच्चों में।
4. ठोस आहार का परिचय
सात महीने की उम्र से बच्चे को ठोस आहार देना शुरू कर देना चाहिए। बच्चे को विभिन्न प्रकार के खाने के साथ परिचित कराना महत्वपूर्ण है। एक ही समय में अलग-अलग चीजें देने से बच्चे को पहचानने में मदद मिलेगी।
5. फलों के जूस से परहेज
एक साल से छोटे बच्चों को मार्केट के किसी भी जूस से बचना चाहिए। घर पर बने फलों के जूस में भी फाइबर की कमी होती है। इसके बजाय, बच्चों को फल खाने दें।
6. गाय का दूध न दें
एक साल से छोटे बच्चों को गाय का दूध नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे एलर्जी हो सकती है। उन्हें केवल फॉर्मूला मिल्क दिया जाना चाहिए, जबकि गाय का दूध एक साल के बाद और भैंस का दूध दो साल के बाद दिया जा सकता है।
7. खाना बनाने का तरीका
आप अपने बच्चे का खाना कढ़ाई में बना सकते हैं, मिर्च मसाले का उपयोग करते हुए।

